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अभी कुछ सालों पहले की ही तो बात है जब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम शीर्ष पर थी और मजाल कि कोई टीम उन्हें चुनौती दे पाए। इस दौरान बहुत कम मौके देखने को मिले जब अनियंत्रित ऑस्ट्रेलिया को जीत हासिल करने के लिए अथक प्रयास करना पड़ा हो। ये वो समय था जब उनके ज्यादातर मैच एकतरफा होते थे। विपक्षी टीम ऑस्ट्रेलिया टीम से खेलने के पहले ही मनोवैज्ञानिक दबाव में आ जाती थी जिसका ऑस्ट्रेलिया टीम मैदान पर जमकर फायदा उठाती थी। लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया में वो बात नहीं रही। चूंकि, अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में हर एक दौर में एक टीम अपना प्रभुत्व कायम करती है। ऐसे में हाल फिलहाल के सालों में एक बड़ी टीम अपने कदम इस ओर बढ़ा रही है और वह है टीम इंडिया। भले ही वहां पहुंचने के लिए विराट कोहली की टीम इंडिया अभी बहुत पीछे हो लेकिन इसकी नींव गुरुवार से न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच के साथ ही रखना शुरू हो जाएगी।

गौर करने वाली बात है कि टीम इंडिया पिछले साल विदेशी सरजमीं पर टेस्ट क्रिकेट में जूझते नजर आई थी उसे अगले 9 महीनों में अपनी ही सरजमीं पर कुल 13 टेस्ट मैच खेलने हैं। लोग कहेंगे ये तो भाई बहुत ज्यादा क्रिकेट हो गई लेकिन टीम इंडिया तैयार है। इन सीरीजों में भारतीय टीम की अगुआई बेहतरीन बल्लेबाज विराट कोहली कर रहे हैं वहीं अनुभवी अनिल कुंबले तो हैं ही जिन्हें भारतीय टीम का कोच इस मैराथन के पहले नियुक्त किया गया है।

इस सीजन में 17 टेस्ट मैचों में से 4 टेस्ट मैच टीम इंडिया खेल चुकी है। कैरिबयाई सरजमीं पर टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को टेस्ट मैचों में तहस- नहस कर दिया और शीर्ष पर जगह बनाते- बनाते रह गई। अब समय है कि कीवी टीम भी भारतीय टीम की ताकत को समझे। ये कहना थोड़ा अतिश्योक्ति होगी कि टीम इंडिया के लिए न्यूजीलैंड सीरीज एकतरफा होगी बल्कि ये माना जा सकता है कि ये सीरीज टक्कर वाली सकती है। हाल ही के दिनों में टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है वहीं गेंदबाजों ने भी उसी हिसाब से अच्छा प्रदर्शन करने में कोई गुरेज नहीं किया है। वेस्टइंडीज से लौटने के बाद रविचंद्रन अश्विन तमिलनाडु प्रीमियर लीग खेलने में व्यस्त थे। जहां उन्होंने बढ़िया प्रदर्शन किया। अश्विन की सबसे अच्छी बात ये है कि वह अपनी स्किल, टैलेंट और मौजूदगी को लेकर बहुत आश्वस्त हैं। वहीं दूसरी ओर रविंद्र जडेजा भी आजकल अच्छी फॉर्म में हैं। उन्होंने घर लौटने के बाद दिलीप ट्रॉफी 2016-17 में दो बार पांच विकेट लेने के बाद ये जता दिया है कि वह किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं।

दिलीप ट्रॉफी 2016-17 में, जो भारत में आयोजित कराया गया ऐसा टूर्नामेंट था जिसमें पिंक बॉल का इस्तेमाल किया गया। ऐसे में क्रिकेटरों के पास सीखने को बहुत कुछ था। इस दौरान कुछ बल्लेबाजों ने अपने रन स्कोर करने की क्षमताओं से प्रभावित किया वहीं कुछ गेंदबाजों ने भी जबरदस्त गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। वहीं बात करें चेतेश्वर पुजारा कि जिन्होंने 166, 31 और विशाल 256 अविजित की पारी खेली और संदेश दे दिया कि न्यूजीलैंड ने उनके खिलाफ जो भी योजनाएं बनाई हैं उनपर पुर्नविचार कर लिया जाए।

अश्विन, जडेजा और पुजारा की वर्तमान फॉर्म टीम इंडिया को एक खतरनाक टीम बनाती है। जैसा कि भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी विभिन्न विभागों में अच्छी फॉर्म में हैं ऐसे में टीम इंडिया जाहिर तौर पर इस सीरीज में न्यूजीलैंड का सूपड़ा साफ करना चाहेगी। अन्य खिलाड़ी जैसे मुरली विजय, शिखर धवन, अजिंक्य रहाणे, रिद्धिमान साहा और कोहली भले ही कुछ दिनों से क्रिकेट से दूर रहे हों लेकिन जब चुनौती आएगी तो ये खिलाड़ी उसे भुनाने के लिए तत्पर होंगे।

गेंदबाजी विभाग पूरी तरह से बेहतरीन नजर आ रहा है। इस सीरीज के लिए टीम इंडिया ने लगभग सभी तेज गेंदबाजों को सम्मिलित किया है जो वेस्टइंडीज गए थे। टीम इंडिया की इस सीरीज के लिए ईशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और उमेश यादव तेज गेंदबाज के रूप में उपलब्ध होंगे। भारतीय टीम का स्पिन विभाग भी अश्विन, जडेजा और अमित मिश्रा की उपस्थिति में मंजा हुआ नजर आता है जो टीम इंडिया को आने वाले महीनों में जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।